अकेलापन संसार में सबसे बड़ी सजा है, इसलिए खुद को भी मुरझाने से रोकिए।

सच ही कहा गया है कि अकेलापन संसार मे सबसे बड़ी सजा है। अकेला व्यक्ति/महिला एक मुरझाए हुए पुष्प के समान होते हैं। जीवन के हर पड़ाव में, हर मोड़ पर, हर समय, हर घड़ी, हर क्षण हमें किसी न किसी की किसी न किसी रूप में आवश्यकता होती है जिससे की हमारा जीवन सरल और रुचिकर बन सके। अक्सर आपने लोगो को ये कहते हुए सुना होगा कि - "मैं तो अकेला रह लूँगा" या "मुझे किसी की भी जरूरत नहीं है"। परन्तु मनन करके देखिए कि क्या ऐसा सम्भव है ? क्या हम सच में पूर्णतः स्वयं पर निर्भर होकर रह सकते हैं ?

मेरे विचार में बिल्कुल नहीं रह सकते और यदि कोई मेरे इस विचार के विपरीत जिद भी करे तो भी, निश्चित ही ऐसा जीवन बिल्कुल नीरस और कष्टदायी होगा। आज के सोच-विचार के इस भाग में हम, उपरोक्त विषय से ही जुड़ा एक प्रसंग लेकर आए हैं जिससे आपके विचारों को शायद थोड़ी स्पष्टता मिले। प्रसंग पढ़ने के बाद नीचे कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके हमें बताएँ की ये प्रसंग आपको कैसा लगा और इससे जुड़े आपके क्या विचार हैं, ताकी हम आप पाठकों के लिए ऐसे ही और प्रसंग लाते रहें।

planting trees Caption

 

"कुछ दिनों पहले मेरी पत्नी ने घर की छत पर कुछ गमले रखवा दिए थे और एक छोटा सा गार्डन बना लिया था। पिछले दिनों एक रोज मैं छत पर गया तो ये देख कर हैरान रह गया कि कई गमलों में फूल खिल गए थे, नींबू के पौधे में दो नींबू भी लटके हुए थे और दो चार हरी मिर्च भी लटकी हुई नज़र आई।

मैंने देखा कि पिछले हफ्ते मेरी पत्नी ने बांस का जो पौधा गमले में लगाया था, उस गमले को घसीट कर दूसरे गमले के पास कर रही थी। मैंने पूछ लिया कि तुम इस भारी गमले को क्यों घसीट रही हो? तो मुझे एक अजीब सा जवाब सुनने को मिला। पत्नी ने मुझसे कहा कि यहां ये बांस का पौधा सूख रहा है, इसे खिसका कर इस पौधे के पास कर देते हैं।

मैं हंस पड़ा और कहा अरे पौधा सूख रहा है तो खाद डालो, पानी डालो। इसे खिसका कर किसी और पौधे के पास कर देने से क्या होगा?" 

पत्नी ने मुस्कुराते हुए कहा ये पौधा यहां अकेला है, इसलिए मुर्झा रहा है। इसे इस दूसरे पौधे के पास कर देंगे तो ये फिर लहलहा उठेगा। पौधे अकेले में सूख जाते हैं, लेकिन उन्हें अगर किसी और पौधे का साथ मिल जाए तो जी उठते हैं।"

यह बहुत अजीब सी बात थी। एक-एक कर कई तस्वीरें आखों के आगे बनती चली गईं। मां की मौत के बाद पिताजी कैसे एक ही रात में बूढ़े, बहुत बूढ़े हो गए थे। हालांकि मां के जाने के बाद सोलह साल तक वो रहे, लेकिन सूखते हुए पौधे की तरह। मां के रहते हुए जिस पिताजी को मैंने कभी उदास नहीं देखा था, वो मां के जाने के बाद खामोश से हो गए थे। मुझे पत्नी के विश्वास पर पूरा विश्वास हो रहा था। लग रहा था कि सचमुच पौधे अकेले में सूख जाते होंगे। 

fish aquarium Caption

बचपन में मैं एक बार बाज़ार से एक छोटी सी रंगीन मछली खरीद कर लाया था और उसे शीशे के जार में पानी भर कर रख दिया था। मछली सारा दिन गुमसुम रही। मैंने उसके लिए खाना भी डाला, लेकिन वो चुपचाप इधर-उधर पानी में अनमना सा घूमती रही। सारा खाना जार की तलहटी में जाकर बैठ गया, मछली ने कुछ नहीं खाया। दो दिनों तक वो ऐसे ही रही, और एक सुबह मैंने देखा कि वो पानी की सतह पर उल्टी पड़ी थी। आज मुझे घर में पाली वो छोटी सी मछली याद आ रही थी। बचपन में किसी ने मुझे ये नहीं बताया था, अगर मालूम होता तो कम से कम दो, तीन या ढ़ेर सारी मछलियां खरीद लाता और मेरी वो प्यारी मछली यूं तन्हा न मर जाती। 

बचपन में मेरी माँ से सुना था कि लोग मकान बनवाते थे और रौशनी के लिए कमरे में दीपक रखने के लिए दीवार में इसलिए दो आले/मोखे बनवाते थे क्योंकि माँ का कहना था कि बेचारा अकेला आला/मोखा गुमसुम और उदास हो जाता है।"

                                                                     ~ अज्ञात

मुझे लगता है कि संसार में किसी को अकेलापन पसंद नहीं।आदमी हो या पौधा, हर किसी को किसी न किसी के साथ की ज़रुरत होती है। आप अपने आसपास झांकिए, अगर कहीं कोई अकेला दिखे तो उसे अपना साथ दीजिए,उसे मुरझाने से बचाइए। अगर आप अकेले हों, तो आप भी किसी का साथ लीजिए, आप खुद को भी मुरझाने से रोकिए।

"अकेलापन संसार में सबसे बड़ी सजा है।" गमले के पौधे को तो हाथ से खींच कर एक दूसरे पौधे के पास किया जा सकता है, लेकिन आदमी को करीब लाने के लिए जरुरत होती है, रिश्तों को समझने की, सहेजने की और समेटने की। अगर मन के किसी कोने में आपको लगे कि ज़िंदगी का रस सूख रहा है,जीवन मुरझा रहा है तो उस पर रिश्तों के प्यार का रस डालिए। खुश रहिए और मुस्कुराइए। कोई यूं ही किसी और की गलती से आपसे दूर हो गया हो, तो उसे अपने करीब लाने की कोशिश कीजिए और हो जाइए.. हरे-भरे।

आशा है लेख आपको पसन्द आया होगा। जैसा भी हो नीचे कॉमेंट बॉक्स में अपने विचार जरूर लिखें और पोस्ट को शेयर करें ताकि हम आपके अनुरूप ही और पोस्ट्स लाते रहें।

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